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सरकारी स्कूलों में एलईपी टेस्ट से परखी गई बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता

  • समग्र शिक्षा अभियान के तहत लर्निंग एनहांसमेंट प्रोग्राम (LEP) का आयोजन

  • छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की लिखने-पढ़ने की क्षमता और विषयज्ञान की जांच

  • OCR शीट्स पर लिए गए टेस्ट, परिणामों के आधार पर शिक्षण में सुधार की रणनीति तैयार होगी


LEP test Himachal: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता को सुधारने की दिशा में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। लर्निंग एनहांसमेंट प्रोग्राम (LEP) के तहत छठी से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की लिखने-पढ़ने और विषय ज्ञान की जांच के लिए विशेष टेस्ट आयोजित किए गए हैं।

इन टेस्ट्स को OCR शीट्स के माध्यम से संपन्न किया गया, जिससे बच्चों की उत्तर लेखन और समझने की क्षमता का आंकलन किया जा सके। परिणामों के आधार पर यह समझा जाएगा कि किन क्षेत्रों में छात्रों को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है, और उनके लिए उपयुक्त शैक्षणिक योजना तैयार की जाएगी।

शिमला के लक्कड़ बाजार स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी इस कार्यक्रम के अंतर्गत टेस्ट आयोजित किए गए। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सुमन मच्छान ने जानकारी दी कि यह पहल सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणामों को बेहतर करने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि टेस्ट के जरिए गणित, अंग्रेज़ी और विज्ञान जैसे विषयों में छात्रों की समझ को परखा गया है।

डॉ. मच्छान ने कहा कि LEP के अंतर्गत बच्चों की लिखने और समझने की शक्ति की जांच की जा रही है और जहां भी कमज़ोरियां पाई जाएंगी, वहां विशेष रूप से पुनः सिखाने और अभ्यास कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

राज्य स्तर पर भी इस कार्यक्रम को सभी जिलों के सरकारी स्कूलों में एक साथ लागू किया गया है, ताकि छात्रों के शैक्षणिक स्तर को समग्र रूप से उन्नत किया जा सके। यह पहल आने वाले समय में परीक्षा परिणामों और बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावना से जुड़ी है।